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पृष्ठभूमि: कक्षा IX में नामांकित छात्रों को प्रोत्साहन देने के लिए मई, 2008 में ‘माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों को प्रोत्साहन देने की राष्ट्रीय योजना’ (एनएसआईजीएसई) शुरू की गई थी। यह योजना अब राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर दी गई है।

उद्देश्य: इस योजना का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों में अजा/अजजा वर्ग की लड़कियों के नामांकन को प्रोत्साहन देने और उनकी बीच में स्कूल छोड़ने की दर को कम करने के लिए एक सक्षम वातावरण का निर्माण करना और 18 वर्ष की आयु तक उनकी पढ़ाई का जारी रहना सुनिश्चित करना है।

दायरा: इस योजना में (i) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों की आठवीं कक्षा उत्तीर्ण सभी लड़कियों और (ii) कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करके राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय के स्कूलों में नौवीं कक्षा में नामांकित सभी लड़कियों को शामिल किया गया है (भले ही वे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों की हों या न हों) ।

प्रोत्साहन राशि: 3000/-रु. की राशि नौवीं कक्षा में नामांकन पर पात्र अविवाहित लड़कियों के नाम में सावधि जमा के रूप में जमा की जाती है जो 18 वर्ष की आयु की होने पर और कक्षा 10 पास करने पर ब्याज सहित इस राशि को निकाल सकती हैं।

पात्रता मापदंड:

  • आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करके राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय के स्कूल में नौवीं कक्षा में नामांकित अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों की लड़कियां
  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली सभी लड़कियां (भले ही वे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों की हों या न हों) ।
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एनएसआईजीएसई का विवरण इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विकसित राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर दिया गया है, जो मंत्रालयों/विभागों में छात्रवृत्ति को जारी करने की प्रक्रिया को दक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ सुव्यवस्थित करने और तेज़ करने के लिए विकसित किया गया है।

आवेदन और प्रक्रिया:

  • (i) एनएसआईजीएसई हेतु आवेदन करने के लिए, विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करके सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय के स्कूल में नौवीं कक्षा में नामांकन कराने वाले छात्रों को एनएसपी पर अपना पंजीकरण कराना होता है ।
  • (ii) निर्धारित राज्य प्राधिकारियों द्वारा पोर्टल पर आवेदनों का ऑनलाइन सत्यापन किया जाता है।
  • (iii) पात्र उम्मीदवारों की सभी प्रकार से पूर्ण अंतिम सूची, छात्रवृत्ति की मंजूरी के लिए, एनएसपी टीम द्वारा शिक्षा मंत्रालय को उपलब्ध करायी जाती है।
  • (iv) इसके बाद शिक्षा मंत्रालय धनराशि स्वीकृत करता है तथा इंडियन बैंक एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को जारी करता है जो इस योजना के कार्यान्वयन बैंक हैं।
  • (v) बैंक सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के तहत छात्रों को सीधे उनके बैंक खातों में इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण द्वारा छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि संवितरित करता है।

री-डिजाइनिंग:इसे और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए एनएसआईजीएसई योजना को फिर से डिजाइन किया जा रहा है।