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केंद्रीय क्षेत्र की योजना 'राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना' मई, 2008 में सीसीईए से अनुमति प्राप्त करने के बाद शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी छात्रों को आठवीं कक्षा में उनके ड्रॉप आउट से रोकना और माध्यमिक स्तर पर अध्ययन जारी रखने हेतु उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति प्रदान करना था। योजना के अंतर्गत कक्षा IX के चयनित छात्रों को प्रतिवर्ष 12000/- रुपये प्रति छात्र की एक लाख नई छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं और राज्य सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय स्कूलों में अध्ययन के लिए कक्षा X से XII में उनकी निरंतरता/नवीनीकरण सुनिश्चित किया जाता है। प्रत्येक राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के लिए छात्रवृत्ति का एक अलग कोटा है। (देखें)

ईएफसी द्वारा मूल्यांकन के बाद माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री और माननीय वित्त मंत्री के अनुमोदन से योजना को 2017-18 से 2019-20 तक तीन वर्षों तक जारी रखने के लिए अनुमोदित किया गया है। योजना के अंतर्गत नवीनतम प्रावधान के अनुसार छात्रवृत्ति राशि 1 अप्रैल, 2017 से प्रति वर्ष रु. 6000/- से 12000/- रुपये तक बढ़ा दी गई है।

पात्रता मापदंड:

जिन छात्रों के माता-पिता की सभी स्रोतों से आय 1,50,000/- रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं है छात्रवृत्ति प्राप्त करने के पात्र हैं। छात्रवृत्ति प्राप्त करने की चयन परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों के पास कक्षा सांतवी की परीक्षा में न्यूनतम 55% अंक या समकक्ष ग्रेड होना चाहिए (अनुसूचित जाति / जनजाति के छात्रों के लिए 5% की छूट)। छात्रों को एक सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय स्कूलों में नियमित छात्र के रूप में पढ़ने वाला होना चाहिए। एनवीएस, केवीएस और आवासीय विद्यालयों के छात्र छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं हैं। राज्य सरकार के मानदंडों के अनुसार आरक्षण है।

नए पुरस्कार विजेता छात्रों का चयन:

प्रत्येक राज्य/संघ राज्य क्षेत्र राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए छात्रों की चयन प्रक्रिया हेतु अपनी परीक्षा आयोजित करता है। परीक्षा आठवीं कक्षा के स्तर पर आयोजित की जाएगी। पात्रता मानदंड को पूरा करने वाले छात्रों को एनएमएमएसएस परीक्षा के अंतर्गत मानसिक योग्यता परीक्षा (एमएटी) और शैक्षिक अभिरुचि परीक्षा (एसएटी) दोनों परीक्षणों को कुल मिलाकर कम से कम 40% अंकों के साथ उत्तीर्ण करना होगा। अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रों के लिए यह कट ऑफ 32 % होगी।

नवीकरण पुरस्कार विजेताओं का चयन:

पुरस्कार प्राप्त करने वालों को कक्षा IX और XI में न्यूनतम 55% अंक प्राप्त करने चाहिए, जबकि छात्रवृत्ति जारी रखने के लिए कक्षा X में न्यूनतम 60% अंक प्राप्त करने चाहिए (अनुसूचित जाति/जनजाति के उम्मीदवारों के लिए 5% की छूट)।

छात्रवृत्ति का वितरण:

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) वन-स्टॉप समाधान है जिसके माध्यम से छात्र आवेदन, आवेदन रसीद, प्रसंस्करण, मंजूरी और छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्ति का वितरण जैसी विभिन्न सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
यह योजना 2015-16 से राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर शामिल है। एनएसपी को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा विकसित किया गया है ताकि दक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ मंत्रालयों / विभागों में छात्रवृत्ति जारी करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और तेज किया जा सके।

एनएसपी के अंतर्गत एनएमएमएसएस प्रक्रिया:

  • एनएमएमएसएस हेतु आवेदन करने के लिए, विभिन्न राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के छात्र, जिन्होंने एनएमएमएसएस के तहत मैट और सैट में अर्हता प्राप्त की है, उन्हें अपना पंजीकरण एनएसपी पर करना होगा।
  • निर्धारित राज्य प्राधिकारियों द्वारा आवेदनों को एनएसपी पोर्टल पर ऑनलाइन सत्यापित किया जाता है।
  • सभी प्रकार से पूर्ण योग्य उम्मीदवारों की अंतिम सूची, एनएसपी टीम द्वारा छात्रवृत्ति की स्वीकृति के लिए शिक्षा मंत्रालय कोष को प्रदान की जाती है।
  • इसके बाद शिक्षा मंत्रालय निधियों को स्वीकृत करता है और उसे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), जो योजना के लिए कार्यान्वयन बैंक है, को जारी करता है।
  • सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के तहत छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण द्वारा किया जाता है।

एनएमएमएसएस दिशा-निर्देश

राज्य नोडल अधिकारियों की सूची

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